TrendingNews : गुजरात के सूरत शहर में हुई मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के कतारगाम क्षेत्र में स्थित किरण हॉस्पिटल के आसपास का इलाका सबसे अधिक प्रभावित नजर आया, जहां लगातार बारिश के बाद सड़कों पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया। कई स्थानों पर पानी का तेज बहाव देखने को मिला, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ ही घंटों की बारिश के बाद सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। हालात ऐसे बन गए कि कई दोपहिया और चारपहिया वाहन बीच सड़क पर ही फंस गए। कुछ कारें आधी से अधिक पानी में डूब गईं, जबकि कई वाहनों के इंजन में पानी घुसने के कारण वे स्टार्ट नहीं हो सके। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बीच सड़कें बनीं तालाब
कतारगाम क्षेत्र में बारिश के बाद सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगीं। कई जगह पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि लोगों को पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। मोटरसाइकिल सवारों को अपने वाहन धक्का देकर बाहर निकालने पड़े, जबकि कई कार चालक घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करते रहे।
व्यस्त मार्ग होने के कारण जलभराव से लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिला। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हुई।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के साथ-साथ खराब जल निकासी व्यवस्था ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। लोगों का आरोप है कि कई नाले पहले से जाम पड़े थे, जिसके कारण बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल सका और सड़कों पर जमा होता चला गया।
निवासियों का कहना है कि हर वर्ष मानसून के दौरान इसी इलाके में जलभराव की समस्या सामने आती है। उनका मानना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, तो ऐसी स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है।
वाहन चालकों को हुआ आर्थिक नुकसान
पानी में लंबे समय तक फंसे रहने के कारण कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इंजन खराब होने की खबर सामने आई है। कुछ लोगों ने बताया कि उनके वाहनों में पानी भर गया, जिसके कारण उन्हें टोइंग सेवा की मदद लेनी पड़ी। इससे वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ऑटो रिक्शा और छोटे व्यावसायिक वाहन चलाने वाले लोगों की रोज़ी-रोटी पर भी इसका असर पड़ा। कई चालकों ने बताया कि जलभराव की वजह से उन्हें अपना काम बीच में ही रोकना पड़ा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों की बढ़ी चिंता
बारिश और जलभराव का असर आसपास की दुकानों और छोटे कारोबारों पर भी पड़ा। कई दुकानदारों को ग्राहकों की संख्या में कमी का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ दुकानों के बाहर पानी भर जाने से कारोबार प्रभावित हुआ।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग करते हुए कहा कि केवल बारिश के दौरान पानी निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की आवश्यकता है।
प्रशासन ने शुरू किए राहत कार्य
जलभराव की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए और यातायात को सामान्य करने का प्रयास शुरू किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे जलभराव वाले रास्तों से बचें और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
आगे भी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, सूरत और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
बारिश के इस दौर ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे, ताकि हर मानसून में होने वाली ऐसी परेशानियों से राहत मिल सके।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट पर मौसम की जानकारी देखी जा सकती है।
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