Trernding News : कानपुर मानसून की बारिश ने कानपुर शहर के कई इलाकों में लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। सबसे अधिक परेशानी उन स्कूली बच्चों को हो रही है जिन्हें रोज सुबह जलभराव और कीचड़ से भरे रास्तों से होकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। कई मोहल्लों और स्कूलों के आसपास बारिश का पानी जमा होने से सड़कें कीचड़ में बदल गई हैं, जिससे बच्चों और अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

सुबह स्कूल के समय बच्चों के हाथों में बैग और पीठ पर जिम्मेदारियों का बोझ तो होता ही है, लेकिन अब उन्हें पानी और कीचड़ से भरे रास्तों का सामना भी करना पड़ रहा है। छोटे-छोटे बच्चे यूनिफॉर्म और जूते बचाते हुए स्कूल पहुंचने की कोशिश करते हैं, लेकिन अधिकांश बच्चे स्कूल पहुंचते-पहुंचते पूरी तरह कीचड़ से सने नजर आते हैं।
जलभराव ने बढ़ाई बच्चों की मुश्किलें
बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर जाने से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कुछ स्थानों पर पानी इतना अधिक है कि सड़क का सही अंदाजा लगाना भी कठिन हो जाता है। ऐसे में बच्चों के फिसलने और चोट लगने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल जाने वाले रास्तों पर लंबे समय से जल निकासी की समस्या बनी हुई है। बारिश होने के कुछ ही समय बाद सड़कें पानी से भर जाती हैं और घंटों तक पानी नहीं निकलता। इसका सबसे ज्यादा असर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों पर पड़ रहा है।
जूते और यूनिफॉर्म रोज हो रहे खराब
अभिभावकों का कहना है कि बच्चे रोज साफ-सुथरी यूनिफॉर्म पहनकर घर से निकलते हैं, लेकिन स्कूल पहुंचते-पहुंचते उनके जूते, मोजे और कपड़े कीचड़ से भर जाते हैं। कई बार बच्चों को पूरे दिन गीले जूतों और कपड़ों में रहना पड़ता है, जिससे उनकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है।
कुछ अभिभावकों ने बताया कि बारिश के दिनों में रोजाना जूते साफ करना और यूनिफॉर्म धोना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। कई अभिभावक अपने बच्चों को गोद में उठाकर या हाथ पकड़कर स्कूल तक पहुंचाते हैं। जहां पानी अधिक भरा है, वहां अभिभावकों को बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि इसी तरह बारिश जारी रही और जल निकासी की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
लोगों का आरोप है कि कई इलाकों में नालियां समय पर साफ नहीं की गईं, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया। कुछ स्थानों पर सड़कें भी खराब हैं, जिससे पानी निकलने की बजाय वहीं जमा रहता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और सड़कों की मरम्मत कर दी जाए तो हर बारिश में होने वाली इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
अभिभावकों ने प्रशासन से की मांग
अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों के आसपास के रास्तों से जल्द जलभराव हटाया जाए और खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
लोगों का मानना है कि स्कूल जाने वाले मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए ताकि बच्चों को रोजाना ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
बारिश जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में यदि जल निकासी की व्यवस्था में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो स्कूली बच्चों की परेशानी और बढ़ सकती है।
फिलहाल अभिभावकों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि बच्चों को सुरक्षित और साफ रास्ता मिल सके और उन्हें जलभराव व कीचड़ के बीच स्कूल जाने की मजबूरी से राहत मिल सके।
मौसम से जुड़े ताज़ा अपडेट और चेतावनियों के लिए आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं। India Meteorological Department (IMD)
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